भारतीय वायुसेना ने आज मंगलवार को पाकिस्तान से सटे पठानकोट के एयरबेस पर 8 अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टर को तैनात कर दिया है। भारतीय सरकार ने अमेरिका के हथियार बनाने वाली कंपनी बोइंग से 22 अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदने का सौदा किया गया है जिसमे उन्होंने अभी आठ हेलीकॉप्टर दिए हुई है बांकी के सरे हेलीकॉप्टर भारत को 2020 में दी जाएगी। अपाचे हेलीकॉप्टर दुनियां की सबसे शक्तिशाली और खतरनाक हेलीकॉप्टर हैं।
आइये जानते है की आखिर क्या वजह है जो अपाचे को इतना खतरनाक बनाती है-
अपाचे हेलीकॉप्टर को आधुनिक तकनीक से इस तरह बनाया गया है कि, इसे दिन में, रात में, बारिश में, धुप में किसी भी मौसम में चलाया जा सकता है। अपाचे 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने वाला ये हेलीकॉप्टर किसी के भी पकड़ से बाहर है क्योकि इसको जिस तरीके से डिजाइन किया गया है कि यह आसानी से राडार में नहीं आ सकता है। इसे ऐसी तकनीकों से बनाया गया है की यह एक मिनट में 128 लक्ष्य को तबाह कर सकता है। यह एक ऐसा हेलीकॉप्टर है जिसे करीब तीन घंटे तक यह एक बार में उड़कर किसी भी तरह के टारगेट को तबाह कर सकता है, यह टैंक तक को भी तबाह कर सकता है।
अपाचे को बनाने वाली कंपनी बोईंग ने बताया है कि, अपाचे में कई तरह के इंटिग्रेटेड सेंसर, नेटवर्किंग, सिचुएशन के हिसाब से डिजिटल कम्युनिकेशन अवेयरनेस, रियल टाइम कॉम्बैट एरिया मैनेजमेंट, टारगेट लोकेशन के लिए डिजिटल इमेज ट्रांसमिशन जैसी आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। अपाचे में हेलिफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें और 30 एमएल की दो गन भी लगी हुई है। इसमें ऐसा सेंसर लगाया गया है जिससे अपाचे को अँधेरे में भी यह दुश्मनों का काम तमाम कर सकती है। अपाचे को इतनी आधुनिक साजो सामानों से लैस किया गया है जिसके कारन इसे मोस्ट एडवांस्ड कॉम्बैट हेलिकॉप्टर का दर्जा दिया गया है।
अपाचे दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू हेलीकाप्टरों में से एक है और अमेरिकी सेना भी इसका इस्तेमाल करती है। अमेरिका की सेना ने इराकी सेना के खिलाफ लड़ाई में और अफगानिस्तान में पहाड़ियों में छिपे तालिबानियो को अपाचे ने ही तबाह किया था।