पीएम मोदी ने कहा- महामिलावटी सरकार का मतलब देश में अराजकता और अस्थिरता

पीएम मोदी ने आज यानि वृहष्पतिवार को आजमगढ में चुनावी जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा – आजमगढ़ रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लोग केंद्र में एक खिचड़ी सरकार चाहते हैं, महामिलावट वाली सरकार चाहते हैं, उनसे सावधान रहना बहुत आवश्यक है.

एक महामिलावटी सरकार का मतलब देश में अराजकता और अस्थिरता. इन लोगों द्वारा फैलाई अस्थिरता देश ने 20 वर्ष पहले भी देखी थी. जब देश में संयुक्त मोर्चा नाम की सरकार थी, जिसका परिणाम यह हुआ कि देश को बार बार चुनाव का सामना करना पड़ा. इसके बाद 2004 से लेकर 2014 तक फिर देश ने ऐसी महामिलावटी सरकार देखी, जिसने भारत को दुनिया में शर्मिंदा किया. कांग्रेस के 10 साल के शासन में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं था, जहां घोटाले और घपले नहीं हुए.

उन्होंने कहा- याद कीजिए, आज़मगढ़ की साख के साथ इन लोगों की सरकार के समय किस तरह का खिलवाड़ किया था, जब भी कोई आतंकी हमला होता था, तो उसके तार खोजते हुए एजेंसियां आज़मगढ़ पहुंच जाती थीं.

उन्होंने कहा- पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद अब आतंकियों के साथ आजमगढ़ का नाम नहीं जुड़ता है. 2014 के बाद देश के बड़े शहरों में बम धमाकों पर लगाम लग गई. आतंकी सिर्फ जम्मू-कश्मीर और सीमा के छोटे हिस्से तक सिमट गए. हमारी सरकार ने आतंक के खिलाफ कार्रवाई की. हमने पाकिस्तान में घुस करके आतंकियों पर प्रहार किया है.

पीएम मोदी ने कहा कि वोट बैंक और जातीय समीकरण की राजनीति करने वालों ने, इन महामिलावट वालों ने देश को खतरे में डाल दिया था. इन्हीं लोगों ने पाकिस्तान को भारत पर हावी होने का मौका दिया. कांग्रेस, सपा और बसपा ने जात-पात के आधार पर आपसे वोट मांगे, लेकिन कभी आपके स्वास्थ्य की चिंता नहीं की.

उसके बाद जौनपुर में पीएम मोदी ने कांग्रेस, सपा, बसपा पर साधा निशानाजौनपुर में पीएम नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि 5 चरण के मतदान के बाद कांग्रेस पार्टी तो मैच खेले बगैर ही मैदान से बाहर हो चुकी है, वो मैदान छोड़ के भाग चुके हैं. सपा और बसपा इसलिए परेशान हो रहे हैं क्योंकि वोट ट्रांसफर के जिस फॉर्मूले पर इन्होने गठबंधन किया था, उस फॉर्मूले को ही जनता ने नकार दिया है.

जौनपुर में पीएम नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि 5 चरण के मतदान के बाद कांग्रेस पार्टी तो मैच खेले बगैर ही मैदान से बाहर हो चुकी है, वो मैदान छोड़ के भाग चुके हैं. सपा और बसपा इसलिए परेशान हो रहे हैं क्योंकि वोट ट्रांसफर के जिस फॉर्मूले पर इन्होने गठबंधन किया था, उस फॉर्मूले को ही जनता ने नकार दिया है.

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