नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लद्दाख में करीब 3,350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क, लेह हवाई अड्डे की नई यात्री टर्मिनल इमारत और बिजली आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से क्षेत्र में परिवहन, ऊर्जा व्यवस्था और जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने निम्मू-पदुम-दारचा सड़क को देश को समर्पित करते हुए कहा कि इसके निर्माण पर करीब 2,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस मार्ग के बनने से जिस सफर को पूरा करने में पहले 12 घंटे लगते थे, अब उसे लगभग तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होने के साथ कारोबार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
निम्मू-पदुम-दारचा सड़क से सेना की आवाजाही को मिलेगी मजबूती
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने इस 298 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण किया है। यह सड़क लेह के निम्मू को जांस्कर घाटी के रास्ते हिमाचल प्रदेश के दारचा से जोड़ती है। इसके शुरू होने से श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह राजमार्गों के अलावा एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
हिमालय के दुर्गम इलाके और शिंकुन ला दर्रे से होकर गुजरने वाली यह सड़क निर्माण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे सशस्त्र बलों की आवाजाही और आवश्यक सामान की आपूर्ति को मजबूती मिल सकती है। इसके अलावा, जांस्कर घाटी के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में सहूलियत होगी।
लेह हवाई अड्डे को मिली नई यात्री टर्मिनल इमारत
प्रधानमंत्री मोदी ने लेह के कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे पर 640 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नई यात्री टर्मिनल इमारत का भी उद्घाटन किया। करीब 23,800 वर्ग मीटर में फैले इस टर्मिनल को हर साल 35 लाख यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नई इमारत में आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके डिजाइन में लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत को भी जगह दी गई है। ऊर्जा की खपत और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए इसमें भू-तापीय ऊर्जा का इस्तेमाल किया गया है।
बिजली आपूर्ति बेहतर करने के लिए दो परियोजनाएं शुरू
लद्दाख में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने 9 मेगावाट क्षमता वाली हनु लघु जलविद्युत परियोजना और 66 किलोवोल्ट की दोहरी परिपथ वाली दाह-हनु-खालत्सी विद्युत पारेषण लाइन का भी उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बिजली आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना और विद्युत नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाना है। जलविद्युत संसाधनों के उपयोग से क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
परिवहन, ऊर्जा और जल सुरक्षा पर ध्यान
करीब 3,350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं के जरिए लद्दाख में परिवहन संपर्क, ऊर्जा व्यवस्था, जल सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस क्षेत्र में सड़क और हवाई संपर्क का विस्तार स्थानीय निवासियों की जरूरतों के साथ सामरिक दृष्टि से भी अहम है। बेहतर संपर्क और बिजली व्यवस्था से लोगों को जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।