मस्क: ओमान के शिनास बंदरगाह के पास अमेरिका ने भारतीय क्रू वाले मर्चेंट टैंकर MT जलवीर पर हमला किया है। पिछले कुछ दिनों में यह तीसरी घटना है जब अमेरिकी सेना ने भारतीय जहाज को निशाना बनाया।
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) के
मुताबिक, गुरुवार को हुए हमले के वक्त MT जलवीर पर बीस से ज्यादा भारतीय नाविक मौजूद थे। हमले में जहाज को कितना नुकसान हुआ या कोई हताहत है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी नहीं मिली है। ओमान में भारतीय दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल कर हालात पर नजर रख रहा है।
लगातार तीन हमलों से बढ़ा तनाव
पहली घटना में MT मैरिवेक्स पर संदिग्ध हमले के बाद आग लग गई थी। उस जहाज पर सवार सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित बचाए गए थे। दूसरी घटना में ओमान की खाड़ी में MT सेटेबेलो पर हमला हुआ था। इस जहाज पर भी भारतीय नाविक सवार थे। उनमें से ज्यादातर को बचा लिया गया, लेकिन तीन नाविकों की मौत हो गई। अब ताजा हमला MT जलवीर पर हुआ है।
भारत का कड़ा विरोध, अमेरिका को तलब
MT सेटेबेलो पर हमले के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया। नई दिल्ली में अमेरिका के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज किया गया। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।
अमेरिका ने बताई हमले की वजह
US सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि MT सेटेबेलो ने अमेरिकी नौसेना के निर्देशों का पालन नहीं किया, इसलिए उस पर “सटीक हमला” किया गया। अमेरिका के अनुसार यह कार्रवाई ईरानी तेल की अवैध शिपमेंट रोकने के लिए चलाए जा रहे समुद्री अभियान का हिस्सा है।
केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकार तीनों घटनाओं पर नजर रखे हुए है। भारतीय नौवहन महानिदेशालय और कोस्ट गार्ड को अलर्ट कर दिया गया है। MT जलवीर के क्रू से संपर्क करने की कोशिश जारी है।