PM मोदी ने राज्यसभा से सेवानिवृत्त 59 सांसदों को दी विदाई, कहा- राजनीति में फुल स्टॉप नहीं होता

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अप्रैल से जुलाई के बीच राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने वाले 59 सांसदों को भावभीनी विदाई दी। उन्होंने संसद को “एक खुला विश्वविद्यालय” करार देते हुए कहा कि राजनीति में फुल स्टॉप जैसी कोई चीज़ नहीं होती और प्रत्येक सांसद का अनुभव राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा रहता है।

विदाई समारोह और पीएम का संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवानिवृत्ति का क्षण पार्टीगत मतभेदों को भुला देता है और सभी में यह साझा भावना उत्पन्न होती है कि सहयोगी नए प्रयासों के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्य भविष्य में पुनः सदन में लौटेंगे और कुछ नहीं लौटेंगे, लेकिन उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

वरिष्ठ नेताओं को सराहा

पीएम मोदी ने तीन वरिष्ठ नेताओं पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार की विशेष सराहना की। उन्होंने उन्हें संसद के स्तंभ बताते हुए उनके लंबे और निष्ठावान सेवा काल की प्रशंसा की। सेवानिवृत्त राज्यसभा उप सभापति हरिवंश की भी पीएम ने सराहना की, उन्हें “मृदुभाषी और विनम्र” लेकिन “कठोर कार्रवाई वाले” नेता बताया। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का हल्के फुल्के अंदाज में जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि वह निरंतर सेवाएँ देते रहेंगे।

संसदीय कार्य और अनुभव

प्रधानमंत्री ने दो सदनों वाली संसदीय प्रणाली की तुलना “दूसरी राय लेने” से की और कहा कि यह लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया को मजबूत बनाता है। उन्होंने सेवानिवृत्त सांसदों के छह साल के राज्यसभा कार्यकाल को “जीवन को आकार देने का अमूल्य अवसर” बताया और कहा कि इससे सांसदों को राष्ट्रीय मामलों की गहन समझ प्राप्त होती है। इस अवसर पर मोदी ने सभी सेवानिवृत्त सांसदों को उनके योगदान और भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी।

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