संसद में बोलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, कहा- पूर्वोत्तर भारत के तेज विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि आजादी के बाद भारत की प्रगति कुछ शहरों और क्षेत्रों तक सीमित रही, लेकिन अब पिछड़े क्षेत्रों के साथ-साथ पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के तेज विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार वंचित आबादी और पिछड़े इलाकों की क्षमता को ‘विकसित भारत’ की ऊर्जा बना रही है।

‘पूर्वोदय’ पर सरकार का फोकस

राष्ट्रपति मुर्मू संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद भारत की प्रगति को कुछ शहरों और क्षेत्रों से ज्यादा गति मिली। देश का एक बड़ा क्षेत्र और बड़ी आबादी ऐसी रही, जिसे उचित अवसर नहीं मिल पाया।”

राष्ट्रपति ने कहा कि अब ‘पूर्वोदय’, यानी पूर्वी भारत के तेज विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा के समुद्री क्षेत्रों में प्रगति की नई संभावनाएं बन रही हैं। साथ ही, पूर्वोत्तर क्षेत्र भी अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।

असम में सेमीकंडक्टर चिप का सपना

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि पूर्वोत्तर की भूमि असम श्रीमंत शंकर देव जैसी महान विभूतियों की धरती रही है। उन्होंने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं, जब असम में बनी सेमीकंडक्टर चिप दुनिया भर के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की लाइफलाइन बनेगी।

कनेक्टिविटी में हुई अभूतपूर्व प्रगति

राष्ट्रपति ने कहा कि बीते 11 वर्षों में पूर्वोत्तर में 7,200 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है, जिससे दूर-दराज, पहाड़ी, जनजातीय और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच आसान हुई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 50 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ है, जिससे बाजार, अस्पताल और स्कूलों तक पहुंच सरल बनी है।

रेलवे में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

उन्होंने कहा पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर में रेलवे विकास पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम की राजधानियां अब ब्रॉडगेज रेल लाइन से जुड़ चुकी हैं, जिससे आर्थिक प्रगति, रोजगार और पर्यटन के नए अवसर पैदा हुए हैं।

स्वास्थ्य ढांचे को भी मिली मजबूती

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि पूर्वोत्तर की आरोग्य सुरक्षा के लिए यह दशक निर्णयों का दशक रहा है। ईटानगर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट और असम के शिवसागर में मेडिकल कॉलेज बनने से लाखों परिवारों को इलाज में सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि सिक्किम के सिचे में मेडिकल कॉलेज और अगरतला में महिलाओं व बच्चों के अस्पताल के निर्माण से क्षेत्र में एक मजबूत स्वास्थ्य ढांचा तैयार हो रहा है।

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