हरियाणा: लिंगानुपात में ऐतिहासिक सुधार, प्रति 1000 लड़कों पर हुईं 923 लड़कियां

cm Nayab Singh Saini

चंडीगढ़: हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात (Sex Ratio at Birth – SRB) में बड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा प्रति 1000 लड़कों पर 923 लड़कियां तक पहुंच गया, जो 2019 के बाद पहली बार इस स्तर पर आया है। 2024 में यह 910 था, जो पिछले आठ सालों का सबसे निचला स्तर था। इस 13 अंकों की बढ़ोतरी को राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान का नतीजा माना जा रहा है।

यहाँ समझें पूरा आंकड़ा

सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में राज्य में कुल 5,19,691 बच्चों का जन्म हुआ, जिसमें 2,70,281 लड़के और 2,49,410 लड़कियां शामिल हैं। पिछले साल की तुलना में लड़कियों के जन्म में 3,362 की बढ़ोतरी हुई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह सुधार भ्रूण लिंग जांच, अवैध गर्भपात और MTP किट की बिक्री पर कड़ी निगरानी का परिणाम है।

सरकार की सख्ती लाई रंग

मार्च 2025 में गठित राज्य स्तरीय टास्क फोर्स ने मॉनिटरिंग की। वर्ष भर में MTP एक्ट के तहत 114 और PCPNDT एक्ट के तहत 16 FIR दर्ज हुईं। अवैध MTP किट की बिक्री पर 59 FIR हुईं, 44 दुकानें सील की गईं और 6,000 से अधिक किट जब्त की गईं। 1,500 में से 495 MTP सेंटर उल्लंघनों के कारण बंद किए गए। 12 हफ्ते से अधिक गर्भपात के मामलों में रिवर्स ट्रैकिंग से 68 FIR दर्ज हुईं।

जिलों में प्रदर्शन

पंचकूला टॉप पर (971), इसके बाद फतेहाबाद (961) और पानीपत (951)। करनाल (944), यमुनानगर (943) भी अच्छा प्रदर्शन। हालांकि, रेवाड़ी (882), सोनीपत (894), रोहतक (898) और गुरुग्राम (901) जैसे जिलों में अभी सुधार की जरूरत है।

सीएम सैनी ने बताया सरकार की उपलब्धि

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे BJP सरकार की उपलब्धि बताया, याद दिलाते हुए कि 2014 में लिंगानुपात 871 था। विशेषज्ञों का मानना है कि अनुमानतः 7,000 लड़कियों को कोख में मौत से बचाया गया। हालांकि, प्राकृतिक अनुपात 952 होने से अभी लंबा सफर बाकी है। जागरूकता, शिक्षा और सख्त प्रवर्तन से यह सकारात्मक बदलाव टिकाऊ बन सकता है।यह सुधार हरियाणा की सामाजिक प्रगति का प्रतीक है, जहां बेटियों को अब अधिक सम्मान मिल रहा है।

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