प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के तीर्थराज प्रयागराज में आज से माघ मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हो गया। पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन स्थल) पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम तट पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 10 बजे तक करीब 9 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि पूरे दिन 25-30 लाख भक्तों के स्नान का अनुमान है।
44 दिन चलेगा मेला
माघ मेला 44 दिनों तक चलेगा और 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि पर समाप्त होगा। मेले में कुल 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। यह मेला कुंभ का छोटा रूप माना जाता है, जहां स्नान-दान, जप-तप और कल्पवास का विशेष महत्व है। कल्पवास करने वाले भक्त पूरे मेला अवधि में संगम तट पर रहकर संयमित जीवन जीते हैं, रोज स्नान करते हैं और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। मान्यता है कि माघ मास में संगम स्नान से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
प्रमुख स्नान तिथियां इस प्रकार हैं:
- पौष पूर्णिमा: 3 जनवरी (पहला स्नान)
- मकर संक्रांति: 14 जनवरी
- मौनी अमावस्या: 18 जनवरी (सबसे पवित्र)
- बसंत पंचमी: 23 जनवरी
- माघी पूर्णिमा: 1 फरवरी
- महाशिवरात्रि: 15 फरवरी (अंतिम स्नान)
सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। 10 हजार पुलिसकर्मी, AI आधारित CCTV, ड्रोन और ATS कमांडो तैनात हैं। स्वास्थ्य शिविर, पॉन्टून पुल और स्वच्छता की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। संगम तट पर भक्ति गीत, कीर्तन और साधु-संतों के प्रवचन से वातावरण भक्तिमय है। यह मेला सनातन संस्कृति की जीवंतता का प्रतीक है।